बर्गी मराठा, मुर्शिद क़ुली ख़ान और ‘आनंद मठ’ : इतिहास की सच्चाई बनाम सांप्रदायिक प्रोपेगैंडा

बंगाल का अठारहवीं सदी का इतिहास आज भी राजनीति और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण का शिकार है। बर्गी मराठों की लूट, बंगाल का आर्थिक संकट और बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का उपन्यास ‘आनंद मठ’—इन तीनों को मिलाकर एक ऐसा नैरेटिव गढ़ा गया जिसमें हर तबाही का दोष मुस्लिम नवाबों पर डाल दिया गया। लेकिन ऐतिहासिक साक्ष्य इस सरलीकृत कहानी… Continue reading