भारतीय मुसलमानों की पहचान का ऐतिहासिक छल

भारतीय मुसलमानों की पहचान को लेकर एक सुनियोजित वैचारिक जाल पिछले कुछ दशकों से लगातार बुना जा रहा है। भारतीय मीडिया और संप्रदायिक ताकतें जब मुसलमानों को “मुग़लों की औलाद” कहकर संबोधित करती हैं, तो यह केवल एक ऐतिहासिक भूल नहीं बल्कि एक राजनीतिक रणनीति है। यह रणनीति मुसलमानों को विदेशी, आक्रांता और सत्ता-लोलुप साबित… Continue reading

इतिहास का आईना: जब नफ़रत पैदा करने के लिए इतिहास को अधूरा पढ़ाया जाता है

आज भारत में जब भी “इतिहास” की बात होती है, तो कुछ तय नाम उछाले जाते हैं महमूद ग़ज़नवी, खिलजी, औरंगज़ेब। मानो इस देश में खून सिर्फ़ उन्हीं के दौर में बहा हो। लेकिन सवाल यह है क्या हिंसा का इतिहास सिर्फ़ मुस्लिम शासकों तक सीमित था? क्या हिंदू राजा, मराठा, राजपूत या सिख शासक… Continue reading