भारतीय मुसलमानों की पहचान का ऐतिहासिक छल

भारतीय मुसलमानों की पहचान को लेकर एक सुनियोजित वैचारिक जाल पिछले कुछ दशकों से लगातार बुना जा रहा है। भारतीय मीडिया और संप्रदायिक ताकतें जब मुसलमानों को “मुग़लों की औलाद” कहकर संबोधित करती हैं, तो यह केवल एक ऐतिहासिक भूल नहीं बल्कि एक राजनीतिक रणनीति है। यह रणनीति मुसलमानों को विदेशी, आक्रांता और सत्ता-लोलुप साबित… Continue reading

क्या इस्लाम में धर्म छोड़ने पर मौत की सज़ा है?

आज के दौर में इस्लाम पर सबसे ज़्यादा दोहराया जाने वाला आरोप यह है कि “जो व्यक्ति इस्लाम छोड़ दे, उसे मौत की सज़ा दी जाती है।” यह आरोप न केवल गंभीर है, बल्कि यह इस्लाम को असहिष्णु और हिंसक सिद्ध करने की कोशिश भी करता है। लेकिन सवाल यह है क्या यह दावा वास्तव में क़ुरआन पर आधारित है? या यह बाद के दौर की राजनीतिक व्याख्याओं का नतीजा है?

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