बर्गी मराठा, मुर्शिद क़ुली ख़ान और ‘आनंद मठ’ : इतिहास की सच्चाई बनाम सांप्रदायिक प्रोपेगैंडा

बंगाल का अठारहवीं सदी का इतिहास आज भी राजनीति और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण का शिकार है। बर्गी मराठों की लूट, बंगाल का आर्थिक संकट और बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का उपन्यास ‘आनंद मठ’—इन तीनों को मिलाकर एक ऐसा नैरेटिव गढ़ा गया जिसमें हर तबाही का दोष मुस्लिम नवाबों पर डाल दिया गया। लेकिन ऐतिहासिक साक्ष्य इस सरलीकृत कहानी… Continue reading

क्या इस्लाम में धर्म छोड़ने पर मौत की सज़ा है?

आज के दौर में इस्लाम पर सबसे ज़्यादा दोहराया जाने वाला आरोप यह है कि “जो व्यक्ति इस्लाम छोड़ दे, उसे मौत की सज़ा दी जाती है।” यह आरोप न केवल गंभीर है, बल्कि यह इस्लाम को असहिष्णु और हिंसक सिद्ध करने की कोशिश भी करता है। लेकिन सवाल यह है क्या यह दावा वास्तव में क़ुरआन पर आधारित है? या यह बाद के दौर की राजनीतिक व्याख्याओं का नतीजा है?

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