जिस हालात में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को युद्ध का आदेश दिया, उसी हालात में क़ुरआन ने जिहाद की अनुमति दी ?

आज अगर आप यह कह दें कि जिस हालात में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को युद्ध का आदेश दिया, उसी हालात में क़ुरआन ने जिहाद की अनुमति दी तो बहुत लोग भड़क जाएँगे। लेकिन सच्चाई यह है कि पांडव और पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ एक ही तरह की स्थिति में खड़े थे। फर्क़ सिर्फ़ इतना है कि… Continue reading

क्या इस्लाम काफ़िर माँ-बाप से रिश्ता तोड़ने को कहता है? Ex-Muslim नैरेटिव, क़ुरान की सच्चाई और ग्रंथों का तुलनात्मक विवेक

क्या इस्लाम काफ़िर माता-पिता से रिश्ता तोड़ने को कहता है? Ex-Muslim नैरेटिव का तथ्यात्मक जवाब | Qur’an 9:23 Explained आज सोशल मीडिया, यूट्यूब और ब्लॉग्स पर एक दावा बार-बार दोहराया जा रहा है कि इस्लाम अपने मानने वालों को काफ़िर माता-पिता से रिश्ता तोड़ने की शिक्षा देता है। इस दावे के समर्थन में अक्सर सूरह… Continue reading

क्या हमारी संवेदना भी अब धर्म देखकर तय होगी?

बंगलादेश में दीपू दास की लिंचिंग की घटना निस्संदेह दिल दहला देने वाली है। भीड़ द्वारा किसी भी इंसान की हत्या  चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या देश का हो  इंसानियत के ख़िलाफ़ अपराध है। दीपू दास की हत्या की जितनी निंदा की जाए, कम है। लेकिन इस घटना के बाद एक और सच्चाई… Continue reading

बर्गी मराठा, मुर्शिद क़ुली ख़ान और ‘आनंद मठ’ : इतिहास की सच्चाई बनाम सांप्रदायिक प्रोपेगैंडा

बंगाल का अठारहवीं सदी का इतिहास आज भी राजनीति और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण का शिकार है। बर्गी मराठों की लूट, बंगाल का आर्थिक संकट और बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का उपन्यास ‘आनंद मठ’—इन तीनों को मिलाकर एक ऐसा नैरेटिव गढ़ा गया जिसमें हर तबाही का दोष मुस्लिम नवाबों पर डाल दिया गया। लेकिन ऐतिहासिक साक्ष्य इस सरलीकृत कहानी… Continue reading

क्या इस्लाम में धर्म छोड़ने पर मौत की सज़ा है?

आज के दौर में इस्लाम पर सबसे ज़्यादा दोहराया जाने वाला आरोप यह है कि “जो व्यक्ति इस्लाम छोड़ दे, उसे मौत की सज़ा दी जाती है।” यह आरोप न केवल गंभीर है, बल्कि यह इस्लाम को असहिष्णु और हिंसक सिद्ध करने की कोशिश भी करता है। लेकिन सवाल यह है क्या यह दावा वास्तव में क़ुरआन पर आधारित है? या यह बाद के दौर की राजनीतिक व्याख्याओं का नतीजा है?

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