Behtar Kal

“Galti pe baat, sudhar ke saath”

जज्बात की राजनीति या सियासी जाल: क्या हम अपनी ही हार की इबारत लिख रहे हैं?

सियासत में अक्सर जो दिखाई देता है, वह होता नहीं; और जो होता है, वह आसानी से समझ नहीं आता।…

4 months ago

संघ–बीजेपी का ‘ओवैसी एजेंडा’ : ज़ुल्म, दंगे और ध्रुवीकरण से लंबा शासन

संघ–बीजेपी का ‘ओवैसी एजेंडा’ दरअसल ज़ुल्म, दंगों और सुनियोजित ध्रुवीकरण के ज़रिए लंबे शासन की एक गहरी राजनीतिक रणनीति है,…

5 months ago

जिस हालात में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को युद्ध का आदेश दिया, उसी हालात में क़ुरआन ने जिहाद की अनुमति दी ?

आज अगर आप यह कह दें कि जिस हालात में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को युद्ध का आदेश दिया, उसी हालात…

5 months ago

क्या हमारी संवेदना भी अब धर्म देखकर तय होगी?

बंगलादेश में दीपू दास की लिंचिंग की घटना निस्संदेह दिल दहला देने वाली है। भीड़ द्वारा किसी भी इंसान की…

6 months ago